अस्माकं शैक्षिणिक पाठ्यपद्धतिं अनुसृत्य कृतं अन्तर्जाल पत्रिकां संस्कृत विभाग अध्यापिकायाः डा . पि सी वि रेणुकामहोदयायाः नेतृत्वेन अत्र प्रकाशयति | पत्रिका प्रकाशनार्थं साहाय्यं कृतवन्तेभ्यः सर्वेभ्यः विशिष्या अस्माकं छात्रसंघाद्ध्यक्षाय श्रीहरि महोदयाय कृतज्ञतां व्याहरामि | संशोधकः सुनिल् कुमार् प्रताप्

12/17/17

महाभारतम्


                                                                                                                             रन्जु


       
  वेदव्यासेन विरचितं इतिहासं भवति महाभारतम्
| अस्मिन् ग्रन्थे कौराव-पाण्डवानां युध्दं मुख्य विषयरूपेण वर्णितमस्ति | मानवजीवनस्य धर्म- अर्थ काम – मोक्ष रूपाः समस्तपुरुषार्थः अत्र विशालग्रन्थे सन्नीवेशिताः| अस्य महाभारतस्य भीष्मपर्वणि श्रीमद्भागवत्गीता विद्यते | गीतायां स्वकर्मविमुखं अर्जुनं प्रति पार्थसारथिना कृतं उपदेशं श्लोक रूपेण वर्ण्यते | गीतायां अष्टादश अध्यायः सन्ति | मानव जीवनस्य विविधविषयाः अत्र समीचीनतया प्रतिपादयन्ति | इयं कृतिः कालजयिनी चिरन्तिनि एव | सांप्रतिकास्तु महाभारतं आचारशास्त्रं नीतिशास्त्रम् |


                                



           

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